फ़र्ज़ी आधार कार्ड द्वारा की गई इंटरनेट बैंकिंग्स से लूट

फ़र्ज़ी आधार कार्ड द्वारा की गई इंटरनेट बैंकिंग्स से लूट

बैंक खाते में रजिस्टर्ड नम्बर की सिम बंद करवाकर आई.डी हैक की गई तथा फ़र्ज़ी आधार कार्ड नम्बर के माध्यम से उक्त नम्बर की नई सिम प्राप्त कर बैंक खाते से पैसे निकाले जाने के आरोप में अंतर राज्यीय समूह के दो सदस्य भोपाल साइबर पुलिस की गिरफ्त में है।

●इनटरनेट बैंकिंग यूज़ करने वालो का होता था खाता हैक।
●फ़र्ज़ी आधार कार्ड के माध्यम से नई सिम खरीदकर खाते के रजिस्टर्ड नम्बर कराये बंद।
● बड़े बिसनेसमेंन को निशाना बनाया जाता था।
●पहले से ही तीन आरोपियों को किया जा चुका था गिरफ्तार।
●इस तरह के कई अपराधों को देश के कई स्थानों पर दे चुके है अंजाम।

विशेष पुलिस महानिदेशक राज्य साइबर सेल भोपाल श्री राजेन्द्र कुमार द्वारा अपराधों के निराकरण के संबंध में दिए गए निर्देश के पालन में की गई कारवाही में पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर सेल भीपाल श्री विकास शाहवाल ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो अमीर व्यापारियों की इंटरनेट बैंकिंग यूजर की आई. डी और पासवर्ड चोरी करके हैक करलेते थे और उनके खातों के रजिस्टर्ड नंबर की सिम को बंद करके फ़र्ज़ी आधार कार्ड के द्वारा नई सिम प्राप्त करके, उस सिम पर बैंक खाते से राशि गलत तरीके से निकाल लेते थे।

फरयादी मुकेश कावरे द्वारा दिनांक11.04.19 को साइबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना भोपाल में एक घघटना आधारित शिकायत पेश की अनजान व्यक्ति द्वारा उनके ओरिएंटल बैंक खाते को हैक किया गया इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 16,34,000 रुपये निकाले गए है।आवेदक द्वारा यह भी बताया गया कि दिनांक 09.04.19 को उनके बैंक खाते में रजिस्टर्ड सिम अचानक बन्द हो गई जिसे आवेदक ने दिनांक11.04.19 को शुरू किया गया था।
उपरोक्त प्रकरण में आवेदक के बैंक से रजिस्टर्ड सिम से संबंधित जानकारी B S N L कार्यलय से प्राप्त करने के बाद पता चला कि दिनांक 09.10.19 को जिला सिहोर के B S N L कार्यालय से अनजान आरोपी द्वारा आवेदक मुकेश कावरे के फ़र्ज़ी आधार कार्ड के माध्यम से आवेदक की सिम बंद कराकर नई सिम ली गई है।प्रकरण में आवेदक द्वारा इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग किया जाता था।जिस कारण से आवेदक का यूजर नाम और पासवर्ड चोरी कर बैंक खाता हैक किया गया है तथा आवेदक की रजिस्टर्ड सिम बन्द करवाकर फ़र्ज़ी आधार कार्ड द्वारा नई सिम से OTP प्राप्त कर आवेदक के बैंक से अवेध रूप से 16,34,000 रुपये आहरित कर उक्त राशि यस बैंक,अलाहाबाद बैंक,केनरा बैंक, एवं कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खाते में अलग अलग राज्यो में ट्रांसफर किए गए।

प्रकरण में कोटक बैंक का उपयोगकर्ता अनुराग साल्वेकार, नई अर्शी मुंबई को दिनांक20.06.19 को चालीसगांव महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया।अनुराग द्वारा बताया गया कि उसका सहयोगी विनोद मिश्रा द्वारा खाते में अवैध रुपये आना तथा जिसमे से 50 प्रतिशत हिस्सा मिलने की बात कही गयी थी।दिनांक22.06.19 विनोद मिश्रा को मुम्बई से गिरफ्तार किया गया ।विनोद मिश्रा2 द्वारा अपने एक अन्य साथी जो एक आरोपी था द्वारा एक फ़र्ज़ी बैंक खाता नंबर मांगने एव अनिल जोशी वर्तमान में केंद्रीय जेल साबरमती अहमदाबाद में बताये जा रहे है दिनांक 03.09.19 को आरोपी अनिल जोशी को अहमदाबाद केंद्रीय जेल में लाया गया।

जिसने अपने सभी साथियों मातादीन सिकवार एवं संजय उपाध्याय का भी अपराध में शामिल होना बताया है तथा यह भी बताया कि संजय उपाध्याय ही आवेदक की सिम प्राप्त करते थे।

प्रकरण के अन्य आरोपी मातादीन सिकरवार निवासी जिला धौलपुर(राजस्थान)एवं संजय प्रकाश उपाध्याय निवासी जमशेदपुर(झारखण्ड) को जेल साबरमती अहमदाबाद से लाया गया जिन्होंने बताया कि विकास साहू निवासी कलकत्ता द्वारा आवेदक मुकेश कावरे का फ़र्ज़ी आधार कार्ड बनाया गया था जो संजय प्रकाश उपाध्याय द्वारा जिला सिहोर के BSNL कार्यालय के आवेदक के नाम के फ़र्ज़ी आधार कार्ड के माध्यम से नई सिम प्राप्त करना बताया । प्रकरण में BSNL के कर्मचारी जिनके द्वारा फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों पर आवेदक की नई सिम अवैध रूप से दी गयी थी उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी। दोनों आरोपी मातादीन सिकरवार एवं संजय प्रकाश उपाध्याय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।एवं अन्य बैंक खाता धारकों की तालाश जारी है ।उक्क्त आरोपी की गिरफ्तारी के मुख्य रूप से निरीक्षक लोकपाल सिंह भदौरिया, उनी उमेश ठाकुर ,प्र. आर -533 अभिजीत, आर 1119 शमशेर सिंह की भूमिका रही ।

●गिरफ्तार आरोपियों की विस्तृत जानकारी:-1.मातादीन सिकरवार निवासी ग्राम रायजीत का पाड़ा थाना बसेड़ी जिला धौलपुर।
2.संजय प्रकाश उपाध्याय पिता रामश्रृंगार उपाध्याय निवासी म. न.185 रोड न.01 मेनफीट थाना टेल्को जिला जमशेदपुर ।
●अपराध में आरोपियों की भूमिका:-1.मातादीन सिकरवार -आवेदक के खाते से ट्रांसफर अवैध धन को जमा कराने के लिए फ़र्ज़ी बैंक खाते उपलब्ध कराना।
●संजय प्रकाश उपाध्याय-फ़र्ज़ी दस्तावेज़ पर अपनी फ़ोटो लगाकर आवेदक की सिम बन्द कराकर उसकी जगह नई सिम लेना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *