सी.ऐ. के साथ मिल के इन्कम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट करने वाली  बैंक की ट्रेड फायनेंस मैनेजर साइबर पुलिस की गिरफ्त में।

सी.ऐ. के साथ मिल के इन्कम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट करने वाली बैंक की ट्रेड फायनेंस मैनेजर साइबर पुलिस की गिरफ्त में।

इन्कम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट करने वाली आईसीआईसीआई बैंक की ट्रेड फायनेंस मैनेजर राज्य सायबर सेल, इन्दौर की गिरफ्त में।

1. अपने ही तलाकशुदा पति का इन्कम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट किया था, आरोपियां ने।
2. आरोपियां द्वारा अपनी कजिंन सिस्टर के साथ मिलकर किया था, इन्कम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट।
3. कजिन सिस्टर पेशे से है, चार्टर्ड अकाउण्टेण्ट।
4. माननीय न्यायालय ने धारा 24 के अन्तर्गत पति के भरण पोषण के लिये किया था आदेश।
5. आरोपियां को देना था, प्रतिमाह 10000/-रूपये अपने तलाकशुदा पति को।
6. तलाकशुदा पति की आय के बारे में भी आरोपियां को थी, शंका।
7. इन्कम टैक्स का पासवर्ड रिसेट करने के लिये किया स्वयं एवं कजिन सिस्टर के ईमेल आइडी व मोबाइल नम्बरो का उपयोग।
8. आरोपियां के कब्जे से मोबाइल व सीम जप्त।

विशेष पुलिस महानिदेशक राज्य सायबर पुलिस श्री राजेन्द्र कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री मिलिन्द कानस्कर द्वारा आर्थिक अपराधों में तकनीक के दुरूपयोग के तत्काल निकाल करने के संबंध में हाल ही दिये गये निर्देशों के पालन में की गई कार्यवाही में राज्य सायबर सेल इन्दौर पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह के द्वारा बताया गया कि दिनांक 10/07/2018 को आवेदक अनूप अग्रवाल पिता श्री रघुवीर अग्रवाल निवासी- 63 शुभ सम्पदा कालोनी निपानिया इन्दौर के द्वारा इन्कम टैक्स आइडी रिसेट करने के प्रयास करने के संबंध में शिकायत दर्ज की गई जिसका क्रमांक 267/2018 है। शिकायत की जाच पर से अपराध क्रमांक 252/2019 धारा 419, 420 भादवि एवं 43ए, 66डी, 84सी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। जिसकी विवेचना हेतु एक टीम जिसमें निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा हमराह प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई एवं आर0 रमेश भिडे, सूबेदार (अ) दिव्या जैन, म0आर0 विनिता त्रिपाठी की गठित की गई।

दौराने विवेचना फरियादी द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजो के आधार पर इन्कम टैक्स आइडी की जानकारी हेतु इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट एवं संदिग्ध मेल आइडी की जानकारी गुगल से प्राप्त कर संदिग्ध आइपी डिटेल एवं संदिग्ध मोबाइल नम्बरों की जानकारी के आधार पर एवं तकनीकी विश्लेषण करने पर ज्ञात हुआ कि तृप्ति अग्रवाल जो कि फरियादी की तलाकशुदा पत्नि के द्वारा अपनी चचेरी बहने एवं उसके पति जो कि दोनों पेशे से चार्टड अकाउण्टेण्ट है, के कहने पर पहले स्वयं ने अपनी मेल आइडी एवं मोबाइल नम्बर का उपयोग कर एवं फरियादी के बैंक का अकाउण्ट नम्बर के माध्यम से अपने पति का इन्कम टैक्स लाग इन आइडी का पासवर्ड रिसेट करने की कोशिश की थी। प्रथम दिवस पासवर्ड रिसेट नही हो पाये, तब आरोपियां तृप्ति अग्रवाल ने अपनी चचेरी बहन को बताया, तब आरोपियां की चचेरी बहन ने उसके कहने पर अपने मोबाइल नम्बर एवं अपनी मेल आइडी का उपयोग कर फरियादी के इन्कम टैक्स आइडी के पासवर्ड रिसेट कर दिया।

उक्त प्रकरण की विवेचना में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, महिला सूबेदार(अ) दिव्या जैन प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई, आर0 रमेश भिडे, म0आर0 विनिता त्रिपाठी, विजय बडोदकर एवं आर0 चालक दिनेश सौराष्ठ की सराहनीय भूमिका रही।

आरोपियां का नाम पताः- तृप्ति अग्रवाल पिता श्री अशोक कुमार अग्रवाल उम्र-36 साल निवासी- 281, पन्ना निवास, जवाहर मार्ग, इन्दौर (म0प्र0)

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